रविवार, 8 जून 2014

वो न होगा तो क्या कमी होगी ।
बस अधूरी सी जिंदगी होगी ।

फ़ीका होगा रंग खुर्शीद का ,
सदमे मे चाँदनी होगी ।

उतरा रहेगा फूलों का रंग ,
गुलशन मे बेक़सी होगी ॥ 

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