अब कहीं और नहीं जाना है ,
तुमसे रोशन मेरा जमाना है ।
तुम कहो कैसे मुमकिन हो ,
तुमको अपना मुझे बनाना है ।
तुम निगाहें न मुझसे फेरा करो ,
इनमें मेरा इक आशियाना है ।
जिंदगी की आंखिरी मंजिल है यही,
परवाज़ यहीं जीना है मर जाना है ।
तुमसे रोशन मेरा जमाना है ।
तुम कहो कैसे मुमकिन हो ,
तुमको अपना मुझे बनाना है ।
तुम निगाहें न मुझसे फेरा करो ,
इनमें मेरा इक आशियाना है ।
जिंदगी की आंखिरी मंजिल है यही,
परवाज़ यहीं जीना है मर जाना है ।
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