जिन्दगी में कारवाँ आगे भी आएँगे,
जब पुराने साथी पीछे छूट जाएँगे ।
कभी फुरसत मिले तो याद करना,
दूर नहीं हम साथ नजर आएँगे ।
एक कविता सी है दोस्ती अपनी
ता उम्र इसे शिद्दत से निभाएँगे ।
जब पुराने साथी पीछे छूट जाएँगे ।
कभी फुरसत मिले तो याद करना,
दूर नहीं हम साथ नजर आएँगे ।
एक कविता सी है दोस्ती अपनी
ता उम्र इसे शिद्दत से निभाएँगे ।